UPPCL News: योगी के आदेश बेअसर ! फतेहपुर में बिजली विभाग की लूट जारी, चीफ ने गठित की कमेटी
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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फतेहपुर (Fatehpur) में बिजली विभाग का नया कारनामा उजागर हुआ है. उपभोक्ता से घरेलू कनेक्शन के नाम से 65 हजार की वसूली कर ली गई. मामला शांतिनगर पॉवर हाउस का है. मुख्य अभियंता ने इस प्रकरण को लेकर जांच कमेटी गठित कर दी है.

Fatehpur UPPCL News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त लहजे में कहा था कि अगर कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी अवैध रूप से धनराशि मांगता है, तो उसके परिवार की यह अंतिम सरकारी नौकरी होगी.
लेकिन फतेहपुर के बिजली विभाग (UPPCl) के अधिकारियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. यहां उपभोक्ताओं से खुलेआम पैसे ऐंठे जा रहे हैं, और शिकायत करने पर उन्हें धमकाया जा रहा है.
5 महीने से भटक रहा है गीता देवी का परिवार
फतेहपुर (Fatehpur) के कासिमपुर अजगवां की रहने वाली गीता देवी पत्नी किशोरी लाल ने शांतिनगर पॉवर हाउस में घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था. आरोप है कि कनेक्शन और मीटर लगाने के नाम पर उनसे बारी-बारी से पैसे वसूले गए—
- 50,000 – जेई छंगाराम को
- 15,000 – सर्वे करने आई टीम को
- 5,000 – लाइनमैन को
- 10,000 – मीटर लगाने के लिए और मांगे गए
यानि, कुल 65 हजार देने के बावजूद मीटर नहीं लगाया गया. 28 अक्टूबर 2024 को कनेक्शन तो दे दिया गया और बिल भी आने लगा और मीटर भी पोस्ट हो गया लेकिन मीटर नहीं लगाया गया. जब उपभोक्ता ने मीटर की मांग की, तो उनसे 10 हजार और मांगे गए.
शिकायत करने पर उपभोक्ता को मिली धमकी
जब गीता देवी के बेटे रणवेंद्र कुमार ने इस गड़बड़ी की शिकायत की, तो बिजली विभाग ने उनका कनेक्शन पीडी (परमानेंट डिस्कनेक्शन) में डालने और एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दी.
रणवेंद्र का कहना है कि कनेक्शन के समय घर की रजिस्ट्री भी विभाग को दी गई थी, जो सिस्टम में अपलोड है. अब अधिकारी कह रहे हैं कि कनेक्शन गलत तरीके से लगाया गया है और इसे काट दिया जाएगा.
40 मीटर बनाम 200 मीटर: नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं
बिजली कनेक्शन के नियमों के मुताबिक, 40 मीटर तक उपभोक्ताओं को सामान्य शुल्क में कनेक्शन मिलना चाहिए. लेकिन गीता देवी के घर से बिजली के खंभे की दूरी 200 मीटर से ज्यादा थी.
विभाग ने पहले तो इसका स्टीमेट बनाकर कनेक्शन देने की बात कही, लेकिन फिर रिश्वत लेकर सामान्य शुल्क में ही कनेक्शन दे दिया. अब अधिकारी कह रहे हैं कि कनेक्शन गलत तरीके से लगाया गया है.
मुख्य अभियंता ने जांच बैठाई, अधिकारियों पर नहीं भरोसा
जब यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो मुख्य अभियंता (वितरण) प्रयागराज अशोक कुमार ने छंगाराम जेई के ऊपर जांच के आदेश दिए. इसमें मीटर कनेक्शन और शांतिनगर
पॉवर हाउस में ई-रिक्शा चार्ज करने की बात कही गई है. दिलचस्प बात यह है कि उन्हें फतेहपुर के अधिकारियों पर भरोसा नहीं था, इसलिए जांच प्रतापगढ़ के अधीक्षण अभियंता और अधिशाषी अभियंता को सौंपी गई.
क्या कहा एसडीओ आशीष मिश्रा ने
इस पूरे मामले पर एसडीओ आशीष मिश्रा ने कहा कि उपभोक्ता की शिकायत मिलने के बाद इस पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को दो महीने पहले पत्र भेजा जा चुका है. उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.
क्या वाकई भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी?
फतेहपुर में अधिकारी खुलेआम रिश्वत मांग रहे हैं, और शिकायत करने वाले को ही धमकाया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त चेतावनी दी थी और आठ साल के सुशासन का बखान किया जा रहा है लेकिन यह आदेश सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गया है.