Fatehpur News: फतेहपुर भाजपा जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल 50 लाख के लेन देन में दोषी ! शिकायकर्ता राम कथा में मगन
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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फतेहपुर (Fatehpur) में बीजेपी जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल (Mukhlal Pal) 50 लाख के लेन देन प्रकरण में दोषी पाए गए. माना जा रहा है कि पार्टी उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी कर सकती है.

Fatehpur Mukhlal Pal News: यूपी के फतेहपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं. उन पर पार्टी में पद दिलाने के बदले 50 लाख रुपये लेने का आरोप था, जिसकी जांच के लिए प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने तीन सदस्यीय समिति गठित की थी.
हिंदुस्तान में लगी ख़बर के मुताबिक मुखलाल पाल जांच में दोषी पाए गएं हैं और अब उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई लगभग तय मानी जा रही है. जहां जिलाध्यक्ष की कुर्सी पर तलवार लटक रही है, वहीं दूसरी ओर शिकायतकर्ता अजीत कुमार गुप्ता इस पूरे विवाद से बेफिक्र होकर रामकथा सुनने में मगन हैं
50 लाख के घोटाले का कैसे हुआ पर्दाफाश?
भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व क्षेत्रीय मंत्री अजीत कुमार गुप्ता, जो कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र से आते हैं, ने प्रदेश नेतृत्व को लिखित शिकायत दी थी कि जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल ने उन्हें किसी आयोग या निगम में चेयरमैन पद दिलाने के नाम पर 50 लाख रुपये लिए थे.
शिकायत में दावा किया गया था कि यह पैसा पार्टी फंड के नाम पर लिया गया, लेकिन उसे निजी उपयोग में रख लिया गया. जब अजीत गुप्ता को कोई पद नहीं मिला, तो उन्होंने पहले जिला, फिर प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व तक शिकायत पहुंचाई.
इस मामले में एक ऑडियो भी वायरल हुआ, जिसमें मुखलाल पाल और अजीत गुप्ता के बीच पैसों और पद को लेकर बातचीत रिकॉर्ड थी. चर्चा यह भी है कि शिकायतकर्ता के पास लेन-देन का वीडियो भी मौजूद है, जो अब तक सार्वजनिक नहीं हुआ है.
जांच समिति में दोषी, रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपी गई
भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की, जिसमें अनूप गुप्ता (भाजपा प्रदेश महामंत्री) राम प्रताप चौहान, शंकर लाल लोधी समिति ने मुखलाल पाल और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए, वायरल हुए ऑडियो का विश्लेषण किया और अन्य सबूतों की जांच की गई.
हिंदुस्तान की ख़बर के अनुसार रिपोर्ट में मुखलाल पाल को दोषी पाए गए है और अब उनके खिलाफ कार्रवाई लगभग तय है. हालांकि, खुद जिलाध्यक्ष ने ऑडियो को फर्जी बताते हुए इसकी फॉरेंसिक जांच की मांग की थी.
पैसे वापस मांगने पर संगठन में पद का झांसा
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब अजीत गुप्ता ने अपने पैसे वापस मांगे, तो मुखलाल पाल ने उन्हें संगठन में किसी महत्वपूर्ण पद का भरोसा दिया, लेकिन वह भी पूरा नहीं हुआ. इससे नाराज होकर अजीत गुप्ता ने जब प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व से संपर्क किया, तब जाकर मामला गहराया और जांच के आदेश दिए गए.
मुखलाल पाल की बढ़ीं मुश्किलें, शिकायतकर्ता रामकथा में व्यस्त
जहां मुखलाल पाल (Mukhlal Pal) पर भाजपा की सख्त कार्रवाई लगभग तय मानी जा रही है, वहीं शिकायतकर्ता अजीत गुप्ता इस पूरे विवाद से दूर रहकर धार्मिक कार्यक्रमों में मगन हैं. सूत्रों के मुताबिक, अजीत गुप्ता इन दिनों एक रामकथा कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं और पूरी तरह से आध्यात्मिक वातावरण में डूबे हुए हैं.
इस घटनाक्रम से पार्टी के भीतर हलचल मची हुई है. एक तरफ भाजपा की छवि पर लगे इस दाग को मिटाने की कोशिशें हो रही हैं, तो दूसरी तरफ शिकायतकर्ता पूरी शांति से रामकथा का आनंद ले रहे हैं.
पहले भी विवादों में रहे हैं मुखलाल पाल
यह पहला मौका नहीं है जब भाजपा जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल पर इस तरह के आरोप लगे हैं. इससे पहले भी उनके खिलाफ कई विवाद सामने आ चुके हैं:
- 2017 में भाजपा की सदस्यता सूची लीक करने का आरोप लगा था.
- महासंपर्क अभियान के दौरान चेक बाउंस होने का मामला भी सामने आया था.
- भाजपा के कई नेता पहले भी उन पर अनुशासनहीनता के आरोप लगा चुके हैं.
जिलाध्यक्ष पद पर दोबारा ताजपोशी की उम्मीदें खत्म
अब तक यह कयास लगाए जा रहे थे कि मुखलाल पाल को दोबारा जिलाध्यक्ष बनाया जा सकता है, लेकिन इस रिपोर्ट के बाद उनकी कुर्सी बचना मुश्किल नजर आ रहा है.
प्रदेश नेतृत्व की ओर से जल्द ही इस मामले में अंतिम निर्णय लिया जा सकता है और यदि सख्त कार्रवाई हुई, तो मुखलाल पाल (Mukhlal Pal) को भाजपा (BJP) से निष्कासित भी किया जा सकता है. अब देखना होगा कि भाजपा इस मामले को कैसे संभालती है और क्या मुखलाल पाल को पार्टी में कोई दूसरा मौका मिलता है या नहीं.